आज की ताजा खबर
समाज में बदनामी के डर से पिता ने बेटी को उतारा मौत के घाट, रिश्तेदार के साथ मिलकर जंगल में दफनाया शव
‘श्रद्धा दुबे महत्वाकांक्षी लड़की है’, शिवा शर्मा मामले में फिल्म निर्देशक विपिन अग्निहोत्री का बयान
एमडीएम पर सवाल: शिकायत के एक माह बाद भी नहीं बदली संस्था, घटिया भोजन के आरोपों पर कार्रवाई का इंतजार
शिरडी में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था, वरिष्ठ नागरिकों के दर्शन से लेकर महाप्रसाद तक की सुविधा
विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना उनके उज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम-विनय जायसवाल
भीलमपुर में दबंगों के कब्जे से कब आजाद होगा खेल का मैदान?,रास्ते पर भी जमाया कब्जा, मौन खड़ा प्रशासन।
सपा के वरिष्ठ नेता जनसेवक पवन दूबे द्वारा श्रावण मास के अंतिम सोमवार को किया गया महा भंडारे का आयोजन
जिलाधिकारी द्वारा श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा हुई
उमेश की मौत पर भड़का आक्रोश, शव रखकर निगोही रोड पर लगाया जाम, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से की अभद्रता
डॉ. राजीव कुमार पाठक फर्रुखाबाद ताइक्वांडो एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनोनीत, खिलाड़ियों में खुशी की लहर
नेबुआ नौरंगिया थाने की सख्त कार्रवाई में पुलिस टीम से बदसलूकी व वर्दी फाड़ने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. मुनीश्वर दत्त उपाध्याय की जयंती पर देशभक्ति से गूंजा रामराज इंटर कॉलेज
- होम
-
राज्य
- राजस्थान
- बिहार
- दिल्ली
- उत्तराखंड
-
उत्तर प्रदेश
- लखनऊ
- कानपुर-नगर
- बुंदेलखंड
- सीतापुर
- सुल्तानपुर
- रायबरेली
- बरेली
- पीलीभीत
- अमेठी
- बाराबंकी
- हरदोई
- कुशीनगर
- प्रयागराज
- अयोध्या
- गोरखपुर
- गोंडा
- बहराइच
- कौशांबी
- लखीमपुर
- शाहजहांपुर
- उन्नाव
- फतेहपुर
- कानपुर-देहात
- औरैया
- इटावा
- मैनपुरी
- फर्रुखाबाद
- कन्नौज
- आगरा
- फिरोजाबाद
- अलीगढ़
- एटा
- मथुरा
- गाजियाबाद
- उरई
- हमीरपुर
- चित्रकूट
- बांदा
- महोबा
- झांसी
- ललितपुर
- मध्य प्रदेश
- मनोरंजन
- बिजनेस
- करियर
- राशिफल
- लाइफस्टाइल
- खेल
- देश
- राजनीति
- दुनिया
हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला की तैयारियों को लेकर बैठक, आयोजन की रूपरेखा पर हुआ मंथन
- दैनिक लोक भारती
- 24 Aug, 2026
छह प्रमुख विषयों पर आधारित होगा मेला, सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने पर जोर
अरविन्द पाण्डेय
कानपुर, 24 अगस्त। हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला के आयोजन की तैयारियों को लेकर सोमवार को सिविल लाइंस स्थित होटल लिटिल शेफ में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले के संस्थापक, पूर्व आरबीआई निदेशक एवं प्रख्यात राष्ट्र चिंतक श्री गुरु मूर्ति जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मेले की तैयारियों, विभिन्न कार्य विभागों और आयोजन को व्यापक स्तर पर सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का संचालन नवेंदु शुक्ला ने किया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष सोमकांत ने आयोजन को लेकर गठित विभिन्न कार्य विभागों और उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेले को सफल बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में तैयारियां की जा रही हैं और कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
छह प्रमुख विषयों पर केंद्रित होगा हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला
बैठक में बताया गया कि हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला मुख्य रूप से छह प्रमुख विषयों पर आधारित होगा। इनमें वन एवं जीवन संरक्षण, पारिस्थितिक संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, पारिवारिक एवं मानवीय मूल्यों का संवर्धन, नारी सम्मान एवं अभिव्यक्ति तथा देशभाव एवं जागरण शामिल हैं।
इन विषयों के माध्यम से समाज में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी, पारिवारिक संस्कार, महिलाओं के सम्मान और राष्ट्र के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
समाज को जोड़ने और समरसता बढ़ाने पर गुरु मूर्ति ने दिया जोर
मुख्य अतिथि श्री गुरु मूर्ति जी ने कहा कि वह तमिलनाडु से आते हैं और अंग्रेजी तथा तमिल भाषाओं का ज्ञान रखते हैं। उन्होंने अपने सामाजिक जीवन के शुरुआती दौर का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वदेशी मंच के माध्यम से कार्य करते हुए उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में जाने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने समाज की विविधता और हिंदू समाज से जुड़े विभिन्न पहलुओं को करीब से समझा।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता केवल हिंदू समाज को एकजुट करने की नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सामंजस्य और सामाजिक समरसता स्थापित करने की है। उनके अनुसार समाज के अलग-अलग वर्गों को एक-दूसरे के करीब लाकर आपसी संवाद और सहयोग को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंदू दर्शन केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए है।
श्री गुरु मूर्ति ने बताया कि वर्ष 2009 में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले की शुरुआत हुई थी। इसके बाद मेले के माध्यम से विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं। उन्होंने बताया कि कई आयोजनों में हजारों बालिकाओं ने एक साथ नृत्य किया, जबकि हजारों लोगों ने योग जैसे कार्यक्रमों में सहभागिता की।
उन्होंने HSSF (Hindu Spiritual and Service Foundation) के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि तमिलनाडु में संस्था के माध्यम से सामाजिक क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए गए हैं। जातिगत भेदभाव को कम करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य किया गया है।
उन्होंने समाज में प्रेम और मित्रता की भावना को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि "Love our community, friendship our community." उन्होंने बताया कि विद्यालयों में आचार्य वंदन, मातृ-पितृ वंदन और कन्या वंदन जैसे कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया है। इनका उद्देश्य बच्चों और युवाओं में संस्कार, सम्मान तथा पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करना है।
संवाद और समरसता के माध्यम से समाज को जोड़ने की अपील
श्री गुरु मूर्ति ने हिंदू शब्द की व्यापक अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 1991 में हिंदू शब्द को जीवन शैली, सभ्यता और जीवन मूल्यों से जोड़कर देखा था। उन्होंने कहा कि हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का एक "मेल्टिंग पॉइंट" है।
उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य केवल उन लोगों को साथ लाना नहीं होना चाहिए जो विचारों से सहमत हैं, बल्कि ऐसे लोगों के साथ भी संवाद और सामंजस्य स्थापित किया जाना चाहिए जो अलग विचार रखते हैं। उन्होंने आपसी संवाद को सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
बैठक में आयोजन समिति के सदस्य उमेश पालीवाल, संजीव दीक्षित, कार्तिक वाथन, विष्णु, गिरीश दीक्षित, नीतू सिंह, अरविंद दीक्षित समेत अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने आगामी हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले को व्यापक और सफल बनाने के लिए अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने का संकल्प लिया।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *

ई_पेपर







